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भारत सरकार |
अनुबंध ‘च’
सत्यापन प्रमाण पत्र का नमूना (केवल तत्काल स्कीम के अंतर्गत पासपोर्ट के लिए)
(सत्यापन प्राधिकारी की अधिकृत लेखन सामग्री पर)
(अनुबंध ‘झ’ के अनुसार मानक शपथ - पत्र के साथ दो प्रतियों में दिया जाना है: अनुबंध ‘झ’ )
संदर्भ संख्या
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आवेदक का फोटो |
(सत्यापन प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारी को अपने हस्ताक्षर और रबड़ स्टाम्प के साथ आवेदक का फोटोग्राफ इस तरह अनुप्रमाणित करना चाहिए कि आधे हस्ताक्षर और स्टाम्प फोटोग्राफ पर हो और आधे प्रमाण पत्र पर) .
सत्यापन प्रमाण पत्र
प्रमाणित किया जाता है कि श्री / श्रीमती / कुमारी ............................. पुत्र / पत्नी / पुत्री श्री ............................ जिसके व्यक्तिगत विवरण नीचे दिए गए हैं, का अच्छा नैतिक चरित्र और प्रतिष्ठा है और पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 6 (2) के प्रावधानों को पढ़ने के पश्चात् मैं प्रमाणित करता हूं कि ये प्रावधान इस आवेदक के मामले में लागू नहीं होते और मैं उसके लिए भारतीय पासपोर्ट जारी किए जाने की अनुशंसा करता हूं । आवेदक पिछले एक वर्ष से लगातार अपने पते पर रह रहा है / रही है ।
जन्म तिथि ……………………………….
जन्म का स्थान ……………………………….
शैक्षिक योग्यता       ……………………………….
व्यवसाय (सरकारी / निजी सेवा / अन्य)      ………………………………..
स्थायी पता  ………………………………..
वर्तमान पता   ………………………………..
स्थान
स्थिति के साथ कार्यालय का पता
तारीख : हस्ताक्षर …………………….
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कार्यालय की मुहर |
पूरा नाम ………………….
पदनाम ………………….
I पहचान पत्र संख्या ………………………
(पहचान पत्र की फोटो प्रति संलग्न करें)
  फोन नंबर (का.) …………..(आ) ………
   मोबाइल नं. ………………………………
नोट
1. सत्यापन प्रमाण पत्र पर आवेदक का पासपोर्ट आकार का एक फोटोग्राफ लगाया जाना आवश्यक है तथा सत्यापन प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारी द्वारा अपने हस्ताक्षर और रबड़ स्टाम्प के साथ इसे इस तरह अनुप्रमाणित किया जाए कि आधे हस्ताक्षर और स्टाम्प फोटोग्राफ पर हों और आधे प्रमाण पत्र पर । .
2. यदि आवेदक ने पिछले एक वर्ष के दौरान एक से अधिक स्थानों पर निवास किया है तो संबंधित तारीखों के साथ पिछले सभी पतों का उल्लेख किया जाना चाहिए । .
3. इस सत्यापन प्रमाण पत्र पर निम्नलिखित किसी एक अधिकारी से हस्ताक्षर कराए जाएं :
(i) i) भारत सरकार के अवर सचिव / उप सचिव / निदेशक / संयुक्त सचिव / अपर सचिव / विशेष सचिव / सचिव / मंत्रिमंडल सचिव ।
(ii) ii) राज्य सरकार के निदेशक / संयुक्त सचिव / अपर सचिव / विशेष सचिव / मुख्य सचिव ।
(iii) iii) आवेदक के आवास के जिले का उपखंड मजिस्ट्रेट, प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट / अपर जिलाधीश / जिलाधीश ।
(iv) iv) आवेदक के आवास के जिले का जिला पुलिस अधीक्षक / पुलिस उप महानिरीक्षक / पुलिस महानिरीक्षक / पुलिस महानिदेशक ।
(v)  v) थल सेना में मेजर और उच्च स्तर का अधिकारी, नौसेना में ले. कमांडर और उच्च स्तर का अधिकारी तथा वायु सेना में स्क्वॉड्रन लीडर और उच्च स्तर का अधिकारी । .
(vi) vi) सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम का महाप्रबंधक ।
(vii) vii) किसी अखिल भारतीय सेवा अथवा केंद्रीय सेवा के सभी सदस्य जो भारत सरकार के अवर सचिव के रैंक के समकक्ष अथवा उससे ऊपर हैं अर्थात् 10,000-15,200 रुपए अथवा इससे अधिक के वेतनमान में हैं ।
(viii) viii) सभी राज्य सरकारों के दिल्ली स्थित स्थानिक आयुक्त / अपर स्थानिक आयुक्त । .
(ix) ix) संबंधित तहसीलदार अथवा संबंधित थानाध्यक्ष जिनके क्षेत्र / अधिकार क्षेत्र में आवेदक रह रहा है । .
(x) x) फिक्की, सीआईआई और एसोचैम जैसे शीर्ष व्यावसायिक संगठनों के अध्यक्ष संबंधित चैम्बर की सदस्य कंपनियों के मालिकों, भागीदारों या निदेशकों के संबंध में सत्यापन प्रमाण पत्र अनुबंध ‘ञ’ पर दिए गए विहित प्रपत्र पर देंगे । .
4. गलत सत्यापन प्रमाण पत्र देने वाले व्यक्ति के विरुद्ध पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 12 (2) के तहत अभियोग चलाया जा सकता है ।
5. 5. पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 6 (2) (ग)
“इस अधिनियम के अन्य प्रावधानों का अनुपालन किए जाने के बावजूद पासपोर्ट प्राधिकारी उपधारा 5 के खंड ग के अधीन निम्नलिखित में से किसी एक अथवा एक से अधिक आधारों पर और किसी अन्य आधार के बगैर, किसी दूसरे देश की यात्रा के लिए पासपोर्ट अथवा यात्रा दस्तावेज जारी करने से मना कर देगा अर्थात् :
(क) कि आवेदक भारत का नागरिक नहीं है ।.
(ख) कि आवेदक भारत से बाहर किन्हीं ऐसी गतिविधियों में लिप्त हो अथवा उसके ऐसे लिप्त होने की संभावना हो जो भारत की संप्रभुता और अखंडता के लिए प्रतिकूल असर रखने वाली हों ।.
(ग) कि आवेदक का भारत से प्रस्थान भारत की सुरक्षा के लिए हानिकारक होगा अथवा हो सकता है ।
(घ) कि भारत से बाहर आवेदक की उपस्थिति से किसी दूसरे देश के साथ भारत के मैत्रीपूर्ण संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा अथवा प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है ।
(ङ) कि आवेदक को उसके आवेदन की तारीख से ठीक पहले 5 वर्ष की अवधि के दौरान किसी समय भारत के किसी न्यायालय द्वारा नैतिक भ्रष्टता में शामिल होने के किसी अपराध के लिए दोषी सिद्ध किया गया है और उस संबंध में दो वर्ष से अन्यून अवधि के कारावास की सज़ा दी गई है ।
(च) कि आवेदक द्वारा किए गए आरोपित किसी दण्डनीय अपराध के संबंध में भारत में किसी न्यायालय के समक्ष दाण्डिक कार्यवाही लंबित हैं ।
(छ) कि समय विशेष के लिए प्रभावी किसी विधि के अधीन न्यायालय द्वारा आवेदक के उपस्थित होने के लिए वारंट अथवा समन अथवा गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है अथवा कि ऐसे किसी न्यायालय द्वारा आवेदक के भारत से प्रस्थान को प्रतिबंधित करते हुए आदेश जारी किए गए हैं ।
(ज) कि आवेदक को देश प्रत्यावर्तित किया गया है और ऐसे देश प्रत्यावर्तन के संबंध में हुए व्यय की प्रतिपूर्ति नहीं की गई है ।