भारत सरकार
विदेश मंत्रालय
सी पी वी प्रभाग, दिल्‍ली

निर्देश – खंड ।।। - आवेदन फार्म भरने के लिए कॉलमवार दिशानिर्देश

आवेदन फार्म के शुरू में फोटोग्राफ चिपकाने, हस्‍ताक्षर करने और अंगूठे का निशान लगाने के लिए तथा शुल्‍क के भुगतान के ब्‍योरे देने के लिए बॉक्‍स हैं ।

फोटोग्राफ हाल के पासपोर्ट आकार के रंगीन फोटोग्राफ (तीन) आवश्‍यक हैं जिनमें सामने से पूरा चेहरा दिखे । एक फोटोग्राफ फार्म पर लगाया जाना है और दो फोटोग्राफ व्‍यक्‍तिगत विवरण फार्म पर लगाए जाने हैं जिसे दो प्रतियों में भरा जाना है । श्‍याम और श्‍वेत फोटोग्राफ, रंगीन अथवा गहरे चश्‍मे वाले फोटोग्राफ, गहरी पृष्‍ठभूमि अथवा वर्दी में फोटोग्राफ, पोलारॉइड प्रिंट अथवा कंप्‍यूटर प्रिंट वाले फोटोग्राफ स्‍वीकार नहीं किए जाएंगे । रंगीन फोटोग्राफ की पृष्‍ठभूमि हल्‍की (वरीयत: श्‍वेत) होनी चाहिए तथा सामने से आवेदक का पूरा चेहरा दिखना चाहिए । फोटो चिपकाने के लिए बने बॉक्‍स में कृपया 3.5 सेमी X 3.5 सेमी आकार का अपना हाल का और तदरुप रंगीन फोटो चिपकाएं । फोटोग्राफ बिल्‍कुल बॉक्‍स में होना चाहिए और किसी भी हालत में फार्म में दिए गए बॉक्‍स से छोटा नहीं होना चाहिए । बड़ी पुस्‍तिका के लिए दो अतिरिक्‍त फोटोग्राफ आवश्‍यक हैं । व्‍यक्‍तिगत विवरण फार्म पर लगे फोटोग्राफ पर आवेदक द्वारा प्रति हस्‍ताक्षर किए जाने हैं जबकि फार्म के प्रथम पृष्‍ठ पर लगे फोटो पर हस्‍ताक्षर नहीं किए जाने हैं ।

हस्‍ताक्षर/अंगूठे का निशान बॉक्‍स की सीमा रेखाओं को छुए बगैर पूर्णत: बॉक्‍स में होना चाहिए । अंगूठे का निशान पुरुषों के मामले में बाएं हाथ का और महिलाओं के मामले में दाएं हाथ का होना चाहिए । (हस्‍ताक्षर के लिए नीले/काले बॉल पैन का प्रयोग किया जाए)  

कॉलम 1 – नाम (दस्‍तावेजी प्रमाण के साथ)

फार्म में 75 अक्षरों (करेक्‍टर) तक लंबे नाम दिए जा सकते हैं । यहां पूरा नाम दिया जाए जैसा कि पासपोर्ट में आना चाहिए । उदाहरण के लिए,

नाम : करूर बैकुंठ शुभ्रमण्‍यन रामनाथन पिल्‍लै – उपनाम के लिए दिए गए बॉक्‍स में उपनाम के रूप में ‘पिल्‍लै लिखें’ एवं कोमा लगाएं और शेष कॉलमों में दिए गए नाम के तौर पर ‘करूर बैकुंठ शुभ्रमण्‍यन’ लिखें । यदि आपका कोई उपनाम नहीं है तो दिया गया नाम लिखें । नाम के प्रथम अक्षर नहीं लिखे जाने चाहिए और पूरा नाम ही लिखा जाना चाहिए ।

कॉलम 2 – यदि कभी आपने अपना नाम परिवर्तन किया है तो कृपया अपना पिछला पूरा नाम दें । यह ऐसे सभी व्‍यक्‍तियों पर लागू होगा जिन्‍होंने अपने नाम में मामूली परिवर्तन ही क्‍यों न किया हो अथवा महिला पर लागू होगा जिसने विवाह के पश्‍चात् अपना नाम अथवा उपनाम बदला है । यदि नाम में कोई परिवर्तन नहीं है तो कृपया लिखें : लागू नहीं ।

कॉलम 3 –पुरुष/महिला विकल्‍प के मामले में दिए गए बॉक्‍स में कृपया म अथवा पु जो भी लागू हो, लिखें । अन्‍यों के लिए कृपया बॉक्‍स में ‘X’ लिखें ।

कॉलम 4 – जन्‍म तिथि - जन्‍म की तारीख दिन/महीना/वर्ष के रूप में और शब्‍दों में भरी जाए जैसी कि नगरपालिका/सरकारी प्राधिकरण द्वारा जारी जन्‍म प्रमाण पत्र में दर्शाई गई है । जन्‍म की तारीख का प्रमाण संलग्‍न करना है । संलग्‍न किए जाने वाले दस्‍तावेजों के संबंध में कृपया खंड IV देखें ।

कॉलम 5 – जन्‍म का स्‍थान और देश : यदि जन्‍म भारत में हुआ है तो कृपया स्‍थान का नाम जैसे गांव/कस्‍बा, जिला, राज्‍य का उल्‍लेख करें और यदि भारत से बाहर जन्‍म हुआ है तो स्‍थान और देश के नाम का उल्‍लेख करें । यदि भारत के विभाजन से पहले ऐसे स्‍थान पर जन्‍म हुआ है जो अब पाकिस्‍तान अथवा बंगलादेश में है तो कृपया स्‍थान का नाम लिखें और उसके पश्‍चात् देश के लिए ‘अविभाजित भारत’ लिखें । .

कॉलम 6, 7 और 8 : पिता, माता और पति/पत्‍नी का नाम संबंधित कॉलमों में भरा जाना है । इन कॉलमों में उप नाम, यदि कोई हो, का उल्‍लेख दिए गए नाम के बाद किया जाना चाहिए । यदि आवेदक अविवाहित है तो कॉलम 8 में पति/पत्‍नी के नाम से संबंधित सूचना के लिए ‘लागू नहीं’ भरा जाए ।

कॉलम 9 और 10 कृपया दिए गए पते पर कब से निवास कर रहे हैं उसकी तारीख, फोन नंबर और एरिया कोड के साथ संबंधित ब्‍योरे दिए जाएं ताकि पासपोर्ट कार्यालय द्वारा अतिरिक्‍त सूचना अथवा दस्‍तावेज के मामले में आवश्‍यकता पड़ने पर संपर्क किया जा सके । इसी प्रयोजन के लिए आवेदक को एसएमएस संदेश भेजने के लिए मोबाइल फोन नंबर उपयोगी होगा । यदि कॉलम 9 में दिए गए पते पर निवास की अवधि आवेदन करने की तारीख को एक वर्ष से कम है तो कृपया निवास की अवधि का उल्‍लेख करते हुए दूसरा पता दें । अपने माता पिता से दूर रह रहे छात्रों को अध्‍ययन के स्‍थान से आवेदन करने का विकल्‍प होगा । ऐसे मामलों में पते के प्रमाण के लिए शैक्षिक संस्‍था के प्रधानाचार्य/निदेशक/रजिस्‍ट्रार/डीन का प्रामाणिक प्रमाण पत्र आवश्‍यक है । पिछले एक वर्ष में एक से अधिक पते के लिए व्‍यक्‍तिगत विवरण फार्म का एक अतिरिक्‍त सेट प्रस्‍तुत करना होगा । .

कॉलम 11(क)   – यदि कभी आपात प्रमाण पत्र (ईसी) पर यात्रा की है अथवा कभी निर्वासित अथवा सरकार की लागत पर देश प्रत्‍यावर्तित किए गए हैं तो इस कॉलम में ईसी संख्‍या, जारी करने की तारीख और स्‍थान, मूल गिरफ्तारी मेमो, उस देश और स्‍थान का नाम जहां से निर्वासित अथवा अथवा देश प्रत्‍यावर्तित किए गए, के ब्‍योरे दिए जाने चाहिए । यदि ईसी के ब्‍योरे आसानी से उपलब्‍ध नहीं हैं तो उस स्‍थान और देश का नाम अनिवार्य रूप से यहां दिया जाए जहां से निर्वासित अथवा प्रत्‍यावर्तित किए गए । ऐसे सभी आवेदकों को नोटरी शपथ पत्र के रूप में अपने निर्वासन/पासपोर्ट के गुम होने की परिस्‍थितियों के ब्‍योरे देने चाहिए ।

कॉलम 12 शैक्षिक योग्‍यता, द्रष्‍टव्‍य पहचान चिह्न और सेंटीमीटर में लंबाई जैसे ब्‍योरे संबंधित मद के सामने दिए जाने हैं । .

कॉलम 13 : ‘हां’ अथवा ‘नहीं’ जैसी संबंधित प्रविष्‍टि दिए गए बॉक्‍स में दी जानी चाहिए । यदि आप केंद्र/राज्‍य सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, सांविधिक निकायों में कार्यरत हैं तो ‘अनुबंध ख’ के अनुसार संबंधित कार्यालय का ‘पहचान प्रमाण पत्र’ संलग्‍न किया जाना चाहिए । .

कॉलम 14 नागरिकता से संबंधित जानकारी कि वह जन्‍म, आव्रजन/रजिस्‍ट्रेशन अथवा देशीयकरण से है, जो भी स्‍थिति हो, बॉक्‍स में दिए स्‍थान में ज/आ/र/दे के रूप में दर्ज की जानी चाहिए । यदि भारतीय नागरिकता से पहले कोई अन्‍य नागरिकता धारण की है तो कृपया दिए गए रिक्‍त स्‍थान में पिछली नागरिकता का उल्‍लेख करें ।

कॉलम 15 कृपया हां अथवा नहीं, जो भी लागू हो, लिखें । यहां यह उल्‍लेखनीय है कि देश छोड़ने से पहले ईसीआर के रूप में वर्गीकृत भारतीय नागरिकों को महाउत्‍प्रवासी संरक्षी (प्रोटेक्‍टर जनरल ऑफ इमिग्रेंट्स) से स्‍वीकृति प्राप्‍त करनी होगी । ईसीआर वर्ग के आवेदकों को अपने पासपोर्टों पर ईसीआर स्‍टाम्‍प लगवानी होगी । यदि पासपोर्ट पुस्‍तिका में ईसीआर स्‍टाम्‍प नहीं है तो यह माना जाएगा कि आवेदक को ईसीएनआर दर्जा प्रदान किया गया है । पासपोर्ट पर कोई ईसीएनआर स्‍टाम्‍प नहीं लगाई जाएगी । कोई भी आवेदक ईसीएनआर दर्जे के लिए पात्र होगा/होगी यदि वह निम्‍नलिखित किसी एक वर्ग में आता/आती है और उसका दस्‍तावेजी प्रमाण प्रस्‍तुत करता/करती है ।  

व्‍यक्‍ति जिनके पासपोर्ट पर ईसीआर स्‍टाम्‍प नहीं लगाई जाएगी :

(।) (क) सभी राजनयिक/सरकारी पासपोर्ट धारक ।.

(ख) सभी राजपत्रित सरकारी सेवक ।

(ग) अपनी व्‍यक्‍तिगत क्षमता में सभी आयकरदाता (कृषि आयकरदाता सहित) । आयकर के निर्धारण और पिछले एक वर्ष के आयकर के वास्‍तविक भुगतान का प्रमाण अथवा अग्रिम कर के भुगतान पर ही नहीं बल्‍कि पैन कार्ड की प्रति पर बल दिया जाए । चूंकि अधिकांश मामलों में आयकर विभाग द्वारा अलग से कर-निर्धारण आदेश जारी नहीं किए जाते, आयकर विवरणी जिस पर आयकर अधिकारियों द्वारा मुहर लगाई जाती है, स्‍वीकार की जा सकती है ।

(घ) सभी पेशेवर डिग्रीधारक जैसे एमबीबीएस डिग्री अथवा आयुर्वेद अथवा होम्‍योपैथी में समकक्ष डिग्रीधारक चिकित्‍सक, मान्‍यता प्राप्‍त पत्रकार, इंजीनियर, चार्टर्ड एकाउंटेड, कॉस्‍ट एकाउंटेड, प्रवक्‍ता, अध्‍यापक, वैज्ञानिक, एडवोकेट आदि ।

(ड.) (ख) से (घ) तक सूचीबद्ध व्‍यक्‍तियों के वर्ग में पति/पत्‍नी एवं आश्रित बच्‍चे ।

(च) मैट्रीकुलेशन अथवा उससे अधिक शैक्षिक योग्‍यता वाले सभी व्‍यक्‍ति ।

(छ) नाविक जिनके पास सीडीसी है अथवा सी कैडेट, डेक कैडेट;

         (i) जिन्‍होंने टीएस चाणक्‍य, मुंबई में तीन वर्षीय बीएससी समुद्री विज्ञान पाठ्यक्रम की अंतिम परीक्षा उत्‍तीर्ण कर ली है; और

          (ii) जिन्‍होंने सरकार द्वारा अनुमोदित टीएस चाणक्‍य, टीएस रहमान, टीएस जवाहर, एमटीआई (एससीआई) और एनआईपीएम, चेन्‍नै जैसे प्रशिक्षण संस्‍थानों से तीन माह का समुद्र पूर्व प्रशिक्षण प्राप्‍त किया है उन्‍हें शिपिंग मास्‍टर, मुंबई/कोलकाता/चेन्‍नै द्वारा जारी किए गए पहचान पत्र प्रस्‍तुत करने के पश्‍चात् ।

(ज) ऐसे व्‍यक्‍ति जिनके पास स्‍थायी अप्रवास वीजा जैसे यूनाइटेड किंगडम, संयुक्‍त राज्‍य अमेरिका और आस्‍ट्रेलिया के वीजा हैं ।

(झ) ऐसे व्‍यक्‍ति जिनके पास राष्‍ट्रीय व्‍यावसायिक प्रशिक्षण परिषद अथवा राज्‍य व्‍यावसायिक प्रशिक्षण परिषद द्वारा मान्‍यता प्राप्‍त किसी संस्‍थान का दो वर्ष का डिप्‍लोमा है अथवा ऐसे व्‍यक्‍ति जिनके पास केंद्र/राज्‍य सरकारों द्वारा मान्‍यता प्राप्‍त पॉलिटेक्‍निक जैसी संस्‍थाओं से तीन वर्षीय डिप्‍लोमा/समकक्ष डिग्री हैं ।

(ञ) ऐसी नर्सें जिनके पास भारतीय नर्स परिषद अधिनियम, 1947 के तहत मान्‍यता प्राप्‍त योग्‍यता है । VV

(ट) 50 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्‍यक्‍ति ।

(ठ) ऐसे सभी व्‍यक्‍ति और उनकी पत्‍नियां जो तीन वर्ष से अधिक समय से विदेश में निवास कर रहे हैं (तीन वर्ष की अवधि या तो एक बार में हो सकती है या खंडों में)

(ड) 18 वर्ष तक की आयु के सभी बच्‍चे (18 वर्ष की आयु पर पासपोर्ट पुन: जारी करते समय ईसीआर स्‍टाम्‍प लगाई जाएगी, यदि लागू हो) । . 

(II) बंगलादेश, पाकिस्‍तान और यूरोप के सभी देशों (सीआईएस राष्‍ट्रों को छोड़कर) उत्‍तरी अमेरिका, आस्‍ट्रेलिया, जापान, न्‍यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका और सिंगापुर जाने के लिए किसी उत्‍प्रवास अनापत्‍ति की आवश्‍यकता नहीं है । इस कॉलम के अंतर्गत दिए गए रिक्‍त स्‍थान में पात्र वर्ग का उल्‍लेख किया जाए तथा आवेदन पत्र के साथ सहायक दस्‍तावेज संलग्‍न किए जाए । यह उल्‍लेखनीय है कि 01 अक्‍तूबर, 2007 से भारत सरकार ने ‘इमिग्रेशन चेक रिक्‍वायर्ड सस्‍पेंशन’ समाप्‍त कर दिया है ।

            अक्‍तूबर, 2007 से रोजगार से भिन्‍न प्रयोजन के लिए विदेश जाने वाले ईसीआर पासपोर्ट धारकों को भारत में अंतर्राष्‍ट्रीय विमान पत्‍तन पर आप्रवास काउंटरों पर विधिमान्‍य पासपोर्ट, विधिमान्‍य वीजा और वापसी टिकट प्रस्‍तुत करने पर ही देश छोड़ने की अनुमति दी जाएगी । रोजगार के प्रयोजन के लिए ऐसे पासपोर्ट धारकों को उत्‍प्रवास संरक्षी के कार्यालय से उत्‍प्रवास अनापत्‍ति प्राप्‍त करनी होगी । अन्‍यथा उन्‍हें निकास विमान पत्‍तन पर यात्रा करने से रोक दिया जाएगा । अत: आवेदकों को ईसीएनआर के लिए आवेदन करने यदि वे पात्र हैं, का परामर्श दिया जाता है ताकि असुविधा से मुक्‍त विदेश यात्रा सुनिश्‍चित हो सके । यह नोट किया जाए कि पासपोर्ट पुस्‍तिका में केवल ईसीआर वर्ग की स्‍टाम्‍प होगी और यदि पासपोर्ट पुस्‍तिका में ईसीआर स्‍टाम्‍प नहीं है तो यह माना जाएगा कि आवेदक को ईसीएनआर का दर्जा प्रदान किया गया है । .

कॉलम 16 : इस कॉलम में अवयस्‍क बच्‍चों जिनकी आयु 18 वर्ष से कम है, के लिए पहली बार आवेदन करते समय माता / पिता अथवा किसी एक अभिभावक द्वारा धारित विधिमान्‍य पासपोर्ट के ब्‍योरे संबंधित कॉलम में दिए जाने चाहिए । ऐसे मामलों में उनके अवयस्‍क बच्‍चे के लिए किसी पुलिस सत्‍यापन के बगैर पासपोर्ट जारी किया जाएगा । इसके अतिरिक्‍त, ऐसे मामलों में जिनमें माता – पिता के पास मान्‍य पासपोर्ट नहीं है, ऐसे अवयस्‍कों के लिए आवेदन, अनुबंध - I में मानक शपथ - पत्र के साथ पासपोर्ट सूचना पुस्‍तिका के खंड IV के पैरा ग (ख) में उल्‍लिखित माता – पिता के ब्‍योरे के तीन दस्‍तावेजों के आधार पर किया जा सकता है । ऐसे सभी मामलों में उनके अवयस्‍क शिशु के लिए पासपोर्ट उत्‍तर - पुलिस सत्‍यापन के आधार पर जारी किया जाएगा । प्रत्‍येक मामले में सादे कागज पर एक घोषणा भरी जाने की आवश्‍यकता है जैसी कि अनुबंध – ज में दी गई है । यदि अवयस्‍क बच्‍चा जिसकी आयु 15 और 18 वर्ष के बीच है, 10 वर्ष की पूर्ण वैधता अवधि के साथ पासपोर्ट प्राप्‍त करना चाहता है, तो यह पासपोर्ट, अभिभावकों द्वारा अनुबंध – झ में दिया गया मानक शपथ - पत्र तथा पासपोर्ट सूचना पुस्‍तिका के खंड IV के पैरा ग (ख) में यथा उल्‍लिखित 14 दस्‍तावेजों में से कोई तीन दस्‍तावेज प्रस्‍तुत करने और 36 पृष्‍ठ के पासपोर्ट के लिए सामान्‍य पासपोर्ट शुल्‍क अर्थात् 1000/- रु. के बराबर शुल्‍क के भुगतान जो वयस्‍क के लिए लागू है, पर ही जारी किया जा सकता है । अन्‍यथा पासपोर्ट की वैधता 5 वर्ष तक अथवा 18 वर्ष की आयु प्राप्‍त करने तक, इनमें से जो भी पहले हो, सीमित होगी । एकल अभिभावक अथवा विवाह के बगैर जन्‍मे बच्‍चे के मामले में अथवा ऐसे अभिभावकों के मामले में जो न्‍यायिक रूप से अलग – अलग हो गए हैं, अनुबंध – ग के अनुसार मजिस्‍ट्रेट के समक्ष दिया गया शपथ - पत्र प्रस्‍तुत करना होगा जिसमें दस्‍तावेजी प्रमाण के साथ मामले के तथ्‍यों का उल्‍लेख होगा । सामान्‍य स्‍थिति में अवयस्‍क के लिए पासपोर्ट जारी करने के लिए दोनों अभिभावकों के हस्‍ताक्षर/सहमति आवश्‍यक है (अनुबंध – ज) । तथापि, यदि आवेदक अभिभावक किसी भी कारण से दूसरे अभिभावक की सहमति प्राप्‍त करने की स्‍थिति में नहीं है, अवयस्‍क के पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वाला अभिभावक फार्म में हस्‍ताक्षर कर सकता है तथा आवेदन पत्र के साथ मामले के तथ्‍यों और परिस्‍थितियों का उल्‍लेख करते हुए अनुबंध – छ के अनुसार शपथ पत्र प्रस्‍तुत करे । शपथ पत्र में यह भी उल्‍लेख होना चाहिए कि न्‍यायालय में चल रहे मुकदमे की स्‍थिति में वह जिम्‍मेदार होगा/होगी न कि पासपोर्ट कार्यालय । ऐसे मामलों में, जहां केवल एक अभिभावक आवेदन कर रहा है, बच्‍चे को उपस्‍थित करने के लिए अनुरोध किया जाए ताकि यह सुनिश्‍चित किया जा सके कि आवेदक अभिभावक के पास बच्‍चे की वास्‍तविक अभिरक्षा है ।

कॉलम 17 आवेदक को सही जानकारी देनी चाहिए । कोई तथ्‍य छिपाने पर समय - समय पर यथा संशोधित पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के प्रावधानों के तहत प्रत्‍येक अपराध के लिए 5000 रु. तक का जुर्माना किया जा सकता है और अन्‍य दंडात्‍मक प्रावधान लगाए जा सकते हैं । .

कॉलम 18 इस कॉलम में मृत्‍यु अथवा दुर्घटना की स्‍थिति में सूचना दिए जाने के लिए व्‍यक्‍ति के मोबाइल या टेलीफोन नंबर/ई-मेल के साथ – साथ नाम और पता दिया जाना है ।

कॉलम 19   यह कॉलम भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता के प्रति निष्‍ठा तथा स्‍वैच्‍छिक रूप से किसी अन्‍य देश की नागरिकता अथवा यात्रा दस्तावेज प्राप्‍त न करने आदि के बारे में आवेदक द्वारा स्‍वत: की गई घोषणा है । इसके अतिरिक्‍त, इस कॉलम में आवेदन पत्र में सही सूचना देने से संबंधित घोषणा दी गई है और आवेदक को यह ज्ञात है कि पासपोर्ट प्राप्‍त करने में कोई गलत सूचना देना अथवा किसी वस्‍तुनिष्‍ठ सूचना को छिपाना पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत एक अपराध है । आवेदक यह भी घोषणा करता है कि उसके पास कोई अन्‍य पासपोर्ट अथवा यात्रा दस्‍तावेज नहीं है । यहां दिए गए स्‍थान में आवेदन की तारीख और स्‍थान के साथ साथ हस्‍ताक्षर अथवा अंगूठे का निशान (पुरुष के लिए बाएं हाथ के अंगूठे का निशान और महिला के लिए दाएं हाथ के अंगूठे का निशान) लगाया जाना चाहिए ।

कॉलम 20 : आवेदन पत्र के साथ संलग्‍न सभी दस्‍तावेजों की फोटो प्रतियों की सूची रिक्‍त स्‍थान में दी जानी चाहिए तथा प्रत्‍येक दस्‍तावेज आवेदक द्वारा स्‍वयं सत्‍यापित किया जाना चाहिए । .